एक लोहार था।


 एक लोहार था। उसने एक बढ़ई के लिए हथोडा या थोडा बहुत ही सुन्दर और मजबूत बना था। हथोड़े की सुन्दरता और मजबूती देख बढ़ई ने सोचा क्यों न लोहार से एक हथोडा और


बढ़ई लोहार के पास गया और बोला, “तुम मेरे लिए एक हथोडा और बना दो लेकिन इस बार जो हथोडा बनाना वह पहले वाले हथोड़े से भी ज्यादा सुन्दर होना चाहिए और इसके लिए में तुम्हें मुह माँगा इनाम दूंगा।


लोहार नें बढ़ई की बात सुनी और विनम्रता पूर्वक कहा, "नहीं यह तो नहीं हो पाएगा"


बढ़ई, लोहार की बात सोनकर आश्चर्यचकित हुआ औ बोला, “आखिर क्यों ? तुम्हें तो तुम्हारा मुह माँगा इनाम मिलेगा | फिर तुम इसके लिए मना क्यों कर रहे हो ।


लोहार नें कहा, “दाम की बात नहीं है में जब भी कोई चीज बनता हूँ पूरी योग्यता और लगन के साथ बनता हूँ । आपके लिए हथोडा बनाने के

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